Description
यह स्रोत कैरोलीन बर्गर और फेरिड घारबी के बीच एक विस्तृत साक्षात्कार है, जिसमें प्रसवपूर्व पिलेट्स (prenatal Pilates) सिखाने के लिए भ्रूणविज्ञान (embryology) के ज्ञान को अनिवार्य बताया गया है। बर्गर का तर्क है कि प्रशिक्षकों को गर्भावस्था के दौरान होने वाले जैविक और शारीरिक परिवर्तनों को गहराई से समझना चाहिए ताकि वे व्यायाम की प्रोग्रामिंग को सुरक्षित और प्रभावी बना सकें। वे स्पष्ट करती हैं कि एक अच्छी कक्षा केवल "हल्के व्यायामों" का समूह नहीं है, बल्कि यह हार्मोनल बदलावों, ऊतकों की शिथिलता और भ्रूण के विकास के चरणों के साथ तालमेल बिठाने की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इस संवाद में विभिन्न पिलेट्स उपकरणों, जैसे रिफॉर्मर और कैडिलैक, के अनुकूलन और माताओं के लिए श्वसन व मुद्रा नियंत्रण के महत्व पर भी चर्चा की गई है। अंततः, यह पाठ इस बात पर जोर देता है कि भ्रूणविज्ञान की समझ एक प्रशिक्षक को व्यावसायिक नैतिकता और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बेहतर संवाद करने की क्षमता प्रदान करती है।
Hosted on Ausha. See ausha.co/privacy-policy for more information.





